इजरायल के प्रचंड प्रहार से डरकर बंकर में छिपे अयातुल्ला अली खामेनेई, जंग हुई तेज

तेहरान 

इजरायल और ईरान के बीच शुरू हुआ युद्ध अभी तक थम नहीं सका है. इजरायल के हमले के बाद ईरान ने भी उस पर ड्रोन और मिसाइलों से हमला किया है. इस बीच एक और अहम खबर सामने आयी है. ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई इजरायल के खौफ से बंकर में जाकर छिप गए हैं. खामेनेई के साथ उनका पूरा परिवार भी है. इजरायल ने ईरान पर अटैक करके उसके कई सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया था. इसके जवाब में ईरान ने भी भयंकर नुकसान पहुंचाया है.

'ईरान इंटरनेशनल' की एक खबर के मुताबिक खामेनेई के बेटे मोजतबा सहित उनके परिवार के सभी सदस्य उनके साथ हैं. वे सभी बंकर में छिपे हैं. इजरायल के खिलाफ पिछले ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 1 और ट्रू प्रॉमिस 2 के दौरान खामेनेई के परिवार को भी बंकर में ले जाया गया था. उस समय मोजतबा उनके साथ थे, लेकिन उनके दो बेटे मसूद और मुस्तफा उनके साथ नहीं थे. 

खामेनेई को मारने की योजना

इससे पहले रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के सर्वोच्च नेता खामेनेई को मारने के संबंध में इजरायल की योजना को वीटो कर दिया। एक अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि इजरायल हाल ही में अमेरिका के पास यह प्रस्ताव लेकर गया था कि उन्होंने खामेनेई को मारने की एक विश्वसनीय योजना बनाई है। हालांकि ट्रंप ने इस योजना की अनुमति नहीं दी। जानकारी के मुताबिक ट्रंप प्रशासन ने कहा कि यह कदम संघर्ष को और भड़का सकता है।
ईरान के 224 नागरिकों की मौत

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इससे पहले ईरान ने सोमवार को बताया है कि बीते शुक्रवार इजरायल द्वारा शुरू किए गए ताजा हमलों में अब तक 224 ईरानियों की मौत हो चुकी है। इनमें ईरान के सैन्य प्रमुख और कई परमाणु अधिकारी भी शामिल हैं। वहीं हजार से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। वहीं दूसरी तरफ इजरायल ने कहा है कि ईरान की ओर से किए गए हमलों में उसके यहां 14 लोगों की मौत हो गई है। वहीं 300 से अधिक लोग घायल हैं। गौरतलब है कि इजरायल ने शुकवार सुबह ईरान के परमाणु कार्यक्रम को निशाना बनाते हुए ऑपरेशन राइजिंग लॉयन शुरू किया था। इस दौरान इजरायल ने ईरान के कई परमाणु, मिसाइल और सैन्य ढांचे को निशाना बनाया। वहीं ईरान ने भी इजरायल पर कई जवाबी हमले किए हैं।

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खामनेई को क्यों नहीं निशाना बनाया?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, इजरायल ने ऑपरेशन की पहली रात को खामनेई को निशाना नहीं बनाया, ताकि उन्हें अपनी यूरेनियम संवर्धन योजना को पूरी तरह छोड़ने का आखिरी मौका दिया जा सके। यह जानकारी टाइम्स ऑफ इजरायल ने अपने सूत्रों के हवाले से दी है।

इजरायली डिफेंस फोर्सेज (IDF) ने बताया कि उसने ईरान में हथियार बनाने की ताकत को निशाना बनाते हुए बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए। इन हमलों में IRGC, उसकी कुद्स फोर्स और ईरानी फौज के ढांचे को नुकसान पहुंचाया गया। IDF ने कहा, "ईरान में हथियार बनाने वाली कई फैक्ट्रियां निशाना बनीं।"

ईरान ने सीजफायर पर बातचीत से किया इनकार

इस बीच यह खबरें भी सामने आई हैं कि ईरान ने सीजफायर पर बातचीत से साफ इनकार कर दिया है। एक रिपोर्ट के मुताबिक ईरान ने मध्यस्थ देश कतर और ओमान के जरिए यह स्पष्ट संदेश दे दिया है कि वह इजरायल के हमलों का जवाब देने के बाद ही सीजफायर पर विचार करेगा। ईरान ने साफ कह दिया है कि ईरान इजरायली हमले के बीच समझौता नहीं करेगा।

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क्या खामेनेई पर अटैक का प्लान बना रहा है इजरायल

इजरायल ने अभी तक ईरान के कई सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है. रिपोर्ट में दावा किया गया है कि वह अब खामेनेई को भी निशाने पर ले सकता है. अमेरिका इस मामले में इजरायल का साथ दे सकता है. एक अमेरिकी अधिकारी ने हाल ही में यह कहा कि इजरायल ने खामेनेई को मारने का प्लान बनाया है और वह इसको लेकर डोनाल्ड ट्रंप के पास भी गया था, लेकिन ट्रंप ने इसकी इजाजत नहीं दी.

ईरान-इजरायल के युद्ध को शांत करवाएंगे ट्रंप

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को एक बार फिर अपने कार्यकाल की विदेश नीति से जुड़ी उपलब्धियों को गिनाते हुए दावा किया कि उनके प्रयासों से इजरायल और ईरान के बीच भी जल्द शांति स्थापित हो सकती है. सोशल मीडिया पर जारी एक बयान में ट्रंप ने कहा कि जिस तरह उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच व्यापार के जरिए तनाव कम किया था, उसी तरह वह इजरायल और ईरान को भी बातचीत की मेज पर ला सकते हैं.

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